| # | Programme | Eligibility | Programme Percentage Criteria | ||||
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| 41 | Rigveda (ऋग्वेद) | 1. मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से त्रिवर्षीय शास्त्री (प्रतिष्ठा) परीक्षा ऋग्वेद विषय के साथ उत्तीर्ण की हो, अथवा शास्त्री (सामान्य) परीक्षा न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 2. संस्कृत विषय सहित त्रिवर्षीय बी.ए. (प्रतिष्ठा) उत्तीर्ण की हो, अथवा बी.ए. (सामान्य) में संस्कृत एक विषय के रूप में न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 3. आधुनिक विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी ऋग्वेद आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। अथवा 4. किसी भी अन्य शास्त्रीय विषय में पूर्व से आचार्य परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी ऋग्वेद आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। |
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| 42 | Samaveda (सामवेद) | 1. मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से त्रिवर्षीय शास्त्री (प्रतिष्ठा) परीक्षा सामवेद विषय के साथ उत्तीर्ण की हो, अथवा शास्त्री (सामान्य) परीक्षा न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 2. संस्कृत विषय सहित त्रिवर्षीय बी.ए. (प्रतिष्ठा) उत्तीर्ण की हो, अथवा बी.ए. (सामान्य) में संस्कृत एक विषय के रूप में न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 3. आधुनिक विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी सामवेद आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। अथवा 4. किसी भी अन्य शास्त्रीय विषय में पूर्व से आचार्य परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी सामवेद आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। |
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| 43 | Atharva Veda (अथर्ववेद) | 1. मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से त्रिवर्षीय शास्त्री (प्रतिष्ठा) परीक्षा अथर्ववेद विषय के साथ उत्तीर्ण की हो, अथवा शास्त्री (सामान्य) परीक्षा न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 2. संस्कृत विषय सहित त्रिवर्षीय बी.ए. (प्रतिष्ठा) उत्तीर्ण की हो, अथवा बी.ए. (सामान्य) में संस्कृत एक विषय के रूप में न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 3. आधुनिक विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी अथर्ववेद आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। अथवा 4. किसी भी अन्य शास्त्रीय विषय में पूर्व से आचार्य परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी अथर्ववेद आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। |
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| 44 | Aagam (आगम) | 1. मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से किसी भी विषय में त्रिवर्षीय शास्त्री (प्रतिष्ठा) परीक्षा उत्तीर्ण की हो, अथवा शास्त्री (सामान्य) परीक्षा न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 2. संस्कृत विषय सहित त्रिवर्षीय बी.ए. (प्रतिष्ठा) उत्तीर्ण की हो, अथवा बी.ए. (सामान्य) में संस्कृत एक विषय के रूप में न्यूनतम 55% प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण की हो। अथवा 3. आधुनिक विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी आगम आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। अथवा 4. किसी भी अन्य शास्त्रीय विषय में पूर्व से आचार्य परीक्षोत्तीर्ण छात्र भी आगम आचार्य प्रथम खण्ड में प्रवेश हेतु पात्र होंगे। |
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| 45 | Prachin Vyakarana (प्राचीन व्याकरण) | किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान/संस्कृत-समिति से उत्तर मध्यमा/उपशास्त्री/प्राक्शास्त्री/ वेद विभूषण अथवा तत्समकक्ष परीक्षोत्तीर्ण छात्र, या किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था से इन्टर, 10+2 या तत्समकक्ष परीक्षोत्तीर्ण छात्र पात्र होंगे। |
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| 46 | Falit Jyotish (फलित ज्योतिष) | किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान/संस्कृत-समिति से उत्तर मध्यमा/उपशास्त्री/प्राक्शास्त्री/ वेद विभूषण अथवा तत्समकक्ष परीक्षोत्तीर्ण छात्र, या किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था से इन्टर, 10+2 या तत्समकक्ष परीक्षोत्तीर्ण छात्र पात्र होंगे। |
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